शनिवार, 20 मार्च 2010

फिर बाहर आया एनकाउंटर का जिन्न

एनकाउंटर.... ये एक ऐसा शब्द है कि जिसका नाम सुनते ही हमारे दिमाग़ में पुलिस की भूमिका पर शक होने लगता है.... हमारे देश में कई मुठभेड़ हुए जिस में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं.. चाहे वो गुजरात का सोहराबुद्दीन केस हो या फिर देहरादून का रणबीर एनकाउंटर मामला हो.. हर मामले में पुलिस पर सवाल उठे हैं... इसी कड़ी में बटला हाउस एक नया नाम हो सकता है क्योंकि एनकाउंटर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस तरह की बातें सामने आईं हैं जिससे इस मुठभेड़ की सच्चाई पर सवालिया निशान लग गया है...
19 सितंबर 2008.... यही वह दिन था जब दक्षिणी दिल्ली में बसा हुआ ओखला गांव का बटला हाउस पुरे देश कि नज़र में आया.... दिल्ली पुलिस ने एक मुठभेड़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के दो छात्रों को मार गिराया.... पुलिस के मुताबिक ये छात्र असल में आतंकी थे जो कुछ दिन पहले (13 सितंबर, 2008) दिल्ली में हुए बम धमाकों में शामिल थे... इस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के एक जांबाज़ इंसपेक्टर मोहन चंद शर्मा भी शहीद हो गए... इस एनकाउंटर पर शुरू से सवाल उठते रहे.... कई नेताओं ने भी इस मुठभेड़ पर सवाल खड़े किये.... अब एक बार फिर ये मुठभेड़ चर्चा में आ गया है... इस केस में नया मोड़ आया है आतंकियों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से... दरअसल इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकियों को बहुत नज़दीक से गोली मारी गई है जो आम तौर पर एनकाउंटर में नहीं होता... इस एनकाउंटर के लगभग डेढ़ साल बाद ये रिपोर्ट सामने आया है... इस रिपोर्ट ने इसे एनकाउंटर मानने से इंकार किया है... रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि आतंकियों को जितने क़रीब से गोली मारी गई है  उतने क़रीब से एनकाउंटर में गोली नहीं लग सकती.... ज़ाहिर है इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पुलिस एक बार फिर शक के घेरे में आ गई है.... और एक बार फिर लोगों ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताना शुरू कर दिया है.... लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर यह एनकाउंटर फर्जी था तो इंस्पेक्टर शर्मा को गोली कैसे लगी????? अब इस सवाल का जवाब तो सिर्फ दिल्ली पुलिस ही दे सकती है....

1 टिप्पणी:

  1. very nice blog.......
    actually this is the real face of our police....

    bade shaan se kisi ko bhi encounter k naam par maar girana to in police walon ki shaan hoti hai....inhe is baat se kya lena ki ye kisi beunah ko maar kar kisi ke ghar ke chirag ko bujha rahen hai....
    inhe to bas file band karne se matlab hai....

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