आज दोपहर १२ बजे नई दिल्ली के २४, अकबर रोड स्थित कांग्रेस ऑफिस में प्रेस कांफ्रेंस में प्रसिद्ध समाचार पत्र के जाने माने संवाददाता श्री जरनैल सिंह ने १९८४ सिख दंगों में सीबीआई द्वारा कांग्रेस के मशहूर नेता श्री जगदीश टाईटलर को क्लीन चीट दिए जाने के मामले पर गृह मंत्री श्री पी चिदम्बरम पर जूता फेंककर सांकेतिक रूप से अपना विरोध जताया।
मीडिया के इतिहास में आज का दिन काला दिन के रूप में याद किया जाएगा मुझे नही लगता कि हम पत्रकारों को इस तरह की ओछी हरकत करनी चाहिए हमारे पास विरोध के और भी विकल्प खुले हैं मगर जो श्री सिंह ने किया वो उनके व्यक्तित्व को बिल्कुल भी शोभा नही देता। हांलांकि श्री सिंह ने कांफेर्रेंस से बाहर जाकर अपनी गलती स्वीकारी और कहा कि उन्होंने विरोध का जो तरीका अपनाया वो ग़लत था मगर उनको अपने विरोध के मुद्दे पर किसी तरह कि कोई शर्म नही है।
एक छात्र पत्रकार होने के नाते मेरा ये मानना है कि एक पत्रकार को धैर्य से काम लेना चाहिए। क्योंकि बिना सहनशीलता के पत्रकारिता नही की जा सकती है और पत्रकारों के पास तो विरोध का सबसे अच्छा विकल्प कलम और कैमरा है।
मंगलवार, 7 अप्रैल 2009
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sahi hai ndim sab .ye sahi nahi singh ne ek journalist ke nate
जवाब देंहटाएंlekin uski bhawanao ko bhi to samajho..................system se fraustrate banda kya karega
जवाब देंहटाएंnadim bahut khoob dost kafi acha likhte ho
जवाब देंहटाएंtum kafi achi kavitaye bhi likhte ho
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